जीवन का खेल बडा अनोखा है.

shweta pathak

रचनाकार- shweta pathak

विधा- कविता

दो हसीन पल जी लेने दो यारो.
ये जिन्दगी मिली है, बड़ी मुद्दतो बाद. इसमे गम ही सही. इस गम को पी लेने दो यारो….
कल नसीब मे क्या लिखा
भविष्य को किसने जाना है.
किस्मत को दोष देना तो लोगो का एक बहाना है..
यूं समझ लो जिन्दगी एक किताब है.
जिसका हर पन्ना नयी सोंच नया ख्वाब है..
ये जिन्दगी का खेल बड़ा ही अनोखा है.
जिसमे कभी साथ तो कभी धोखा है
यहॉ आने वाले तो कब किसने देखा है
जाने वाले को कब किसने रोका है… $

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shweta pathak
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If u belive in yourself ; things are possible....

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