“जीना मरना”

Rita Yadav

रचनाकार- Rita Yadav

विधा- गीत

तुमने तो धकेल दिया
मुझे इक गम की खाई में,

जीना मरना हुआ मुश्किल
अब तो तन्हाई में,

मैं पूरी नींद सो न सकी
मैं खुल कर रो न सकी

भटकती रही यहां वहां
तेरी बेवफाई में,

जीना दुश्वार हुआ
मुझे तुमसे ही क्यों प्यार हुआ ?

तुम तो ठहरे हरजाई
बेवफा ओ में तू भी शुमार हुआ

तुमने तो धकेले दिया
मुझे एक गम की खाई में

जीना मरना मुश्किल
अब तो तन्हाई में,

रीता यादव

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