जीतने का जूनून

Sonika Mishra

रचनाकार- Sonika Mishra

विधा- कविता

आसमां क्या चीज़ है
वक्त को भी झुकना पड़ेगा
अभी तक खुद बदल रहे थे
आज तकदीर को बदलना पड़ेगा
अधूरी कहानी छोड़ने की
आदत नहीं है मुझे
दिल पर बोझ झेलने की
चाहत नहीं है मुझे
किसी की ख़ुशी क लिए
मंज़िल बदलते रहे है हम
कुछ कदम ही दूर थे मंज़िल से
पर रास्ता भटकते रहे है हम
मिलना नहीं था कुछ
उन राहों पर चल रहे थे हम
खुद के सपने भी
औरो की आँखों से बुन रहे थे हम
आज फिर दिल कुछ हैरान सा है
मेरी बेवकूफियों से परेशान सा है
शायद इस दिल को सुकून चाहिए
आज फिर इसे जीतने का जूनून चाहिए
– सोनिका मिश्रा

बेहतरीन साहित्यिक पुस्तकें सिर्फ आपके लिए- यहाँ क्लिक करें

Views 204
इस पेज का लिंक-
Sponsored
Recommended
Author
Sonika Mishra
Posts 25
Total Views 4.2k
मेरे शब्द एक प्रहार हैं, न कोई जीत न कोई हार हैं | डूब गए तो सागर है, तैर लिया तो इतिहास हैं ||

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


Sponsored
हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia
2 comments