* जीओ ना तुम जरा जरा *

Neelam Ji

रचनाकार- Neelam Ji

विधा- कविता

जब दिल उमंग से हो भरा ,
सब कुछ लागे हरा-भरा ।
जी लो जी भर के आज से ,
जीओ ना तुम जरा जरा ।।

दो दिन का मेला ये संसार ,
क्या लेकर जाना है मेरे यार ।
खुशियों के हैं रस्ते हजार ,
जीना सीख लो जो एक बार ।।

हर मन को प्यार से सींचो तुम ,
ना दर्द किसी को देना तुम ।
जीवन स्वर्ग ज्यों बन जाएगा ,
सबकी दुआएं ले लो तुम ।।

जीवन को यूँ ना करो बेकार
आगे बढ़ दिखाओ चमत्कार ।
खुशियां तुम्हारे कदम चूमेंगी ,
जीना सीख लिया जो इक बार ।।

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Neelam Ji
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मकसद है मेरा कुछ कर गुजर जाना । मंजिल मिलेगी कब ये मैंने नहीं जाना ।। तब तक अपने ना सही ... । दुनिया के ही कुछ काम आना ।।

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