!~जिन्दा लाश~!

Durgesh Verma

रचनाकार- Durgesh Verma

विधा- कविता

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!~जिन्दा लाश~!
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"मरी आदमियत संग –

लाशें
जिन्दा हैं!

स्वार्थ
जिन्दा है!

ज़ज्बात
शर्मिंदा है!!"___दुर्गेश वर्मा

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Durgesh Verma
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मैं काशी (उत्तर प्रदेश) का निवासी हूँ । काव्य/गद्य आदि विधाओं में लिखने का मात्र प्रयास करता हूँ । समय-समय पर प्रतिष्ठित समाचार पत्र, पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित होती रहती हैं। दार्शनिक, सांस्कृतिक, मनोवैज्ञानिक, आध्यात्मिक व तार्किक लेखन में रूचि द्वारा मात्र मेरा उद्देश्य हमारी मातृ भाषा- देवनागरी हिन्दी के उत्थान में यथा संभव योगदान देने से है! https://www.facebook.com/durgesh.verma.79

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