जिन्दगी

सगीता शर्मा

रचनाकार- सगीता शर्मा

विधा- मुक्तक

🌷🌷🌷🌷 बहर मुक्त.
मुक्तक🌷🌷🌷🌷
🌷🌷🌷🌷जिन्दगी.
🌷😊🌷😊🌷

जब खुद से हारा तो.
जीवन से डरता है.
जब सामने मौत दिखी.
जीने को तरसता है.
जिन्दगी का मोल कभी.
तू समझ न पायेगा.
न संग चले कुछ भी.
क्यू मोह में फसता है.

संगीता शर्मा.
28/2/2017

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सगीता शर्मा
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परिचय . संगीता शर्मा. आगरा . रूचि. लेखन. लघु कथा ,कहानी,कविता,गीत,गजल,मुक्तक,छंद,.आदि. सम्मान . मुक्तर मणि,सतकवीर सम्मान , मानस मणि आदि. प्यार की तलाश कहानी पुरस्क्रति.धूप सी जिन्दगी कविता सम्मानित.. चाबी लधु कथा हिन्दी व पंजाबी में प्रकाशित . संगीता शर्मा.

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