जिंदगी में गलतियों से सीखते चलो

vivek saxena

रचनाकार- vivek saxena

विधा- गीत

जिंदगी में गलतियों से सीखते चलो
जीत की उड़े फुहार भीगते चलो

कोई गलती ऐसी नहीं जिसका ना हल
सही रास्ते को चुन उस पे निकल
दुनिया से डरने का काम नहीं है
रख हौसला औ मजबूत आत्म बल
इसी के सहारे जंग जीतते चलो
जिंदगी में गलतियों से सीखते चलो।

बिना सीखे जिंदगी का हल नहीं है
हारने वालों का कोई कल नहीं है
वे तो जिंदा लाश के समान हैं यहाँ
जिनके पास स्वाभिमानी जल नहीं है
जीत की पड़े फुहार भीगते चलो
जिंदगी में गलतियों से सीखते चलो।

गलतियों के डर से ना काम छोड़िए
कुछ ध्यान इस बात पर मोड़िये
लगन व् मेहनत के साथ बढ़कर
मुश्किलों की हर दीवार तोड़िए
सफलता की नई परिभाषा लिखकर
भीड़ से अलग आप दीखते चलो
जिंदगी में गलतियों से सीखते चलो

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