जिंदगी किस्सा किसी के प्यार का

संदीप शर्मा

रचनाकार- संदीप शर्मा "माही"

विधा- गज़ल/गीतिका

एक गजल

जिंदगी किस्सा किसी के प्यार का
अक्स है वो भी किसी किरदार का

शख्सियत कुछ भी नहीं मेरी यहाँ
आदतन इक शौक है तकरार का

ख्वाहिशो की चाह में है दर-बदर
यह फ़साना है किसी जरदार का

आज फिर वो शख्स मुझको है दिखा
जो तसव्वुर था दिले बेजार का

शोखियाँ उसकी नज़र में क्या कहें
हाल दिलकश है दिले दिलदार का

संदीप शर्मा "कुमार"

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