जिंदगी और मौत । 😌

Manchan Kumari मंचन कुमारी

रचनाकार- Manchan Kumari मंचन कुमारी

विधा- कविता

कभी जिंदगी पे मन सोचे,
कभी मौत पे मन सोचे।
है दिवाने दोनो के हम,
कुछ के ज्यादा कुछ के है कम ।
जिंदगी है कुछ इतनी प्यारी,
हो जाऊँ मैं वारी वारी ।
मौत से है एक ऐसा नाता,
उसको कोई भी ना ठुकराता ।
मुझे है सबकी जिंदगी प्यारी,
हँसकर कर ले जिंदगी कि सवारी ।
जिंदगी है मेरी इसमे घूम लूंगी,
मौत जब आएगी उसे मैं चूम लूंगी।

मंचन कुमारी। ( Shandilya Manchan "मन" )
25 / 05 / 2016 😊

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Manchan Kumari मंचन कुमारी
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Student समस्तीपुर कालेज , समस्तीपुर ! हिन्दी एवं अंग्रेजी मे लिखना पसंद है, .....कुछ अच्छा लिखना मेरा सपना है । ( लिखना तो बस आदत ही नही, कुछ भी लिख दूँ ऐसी चाहत ही नही , मन बोले शब्दों को तौलें , दिल की बाते भी ये इबादत ही नही । ……….मंचन .)

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