जहाँ ले चलोगे वही मे चलूगा

कृष्णकांत गुर्जर

रचनाकार- कृष्णकांत गुर्जर

विधा- गज़ल/गीतिका

जहाँ ले चलोगे वही मे चलूगा|
जहा तुम कहोगे वही मे रहूगा||

तुम्ही मेरी जान तुम्ही मेरी जन्नत हो|
तुम्ही मेरा प्यार तुम्ही मेरी चाहत हो ||

तेरे प्यार मे पागल मरता रहूगा|
जहाँ ले चलोगे वही मे चलूगा||

सुंदर सलोना तेरा प्यारा बदन है|
बागो मे प्यारे जैसे खिलता चमन है||

मिले जख्मो को मे कैसे सहूगा|
जहाँ ले चलोगे वही मे चलूगा ||

कृष्णा ये दुनिया की चाहत बुरी है|
अपनो को अपने ही मारे छुरी है||

तुम जो कहोगे मे वो करूगा|
जहाँ ले चलोगे वही मे चलूगा||

Sponsored
Views 28
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
कृष्णकांत गुर्जर
Posts 60
Total Views 2.6k
संप्रति - शिक्षक संचालक G.v.n.school dungriya G.v.n.school Detpone मुकाम-धनोरा487661 तह़- गाडरवारा जिला-नरसिहपुर (म.प्र.) मो.7805060303

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia