जय हिन्द जय भारत

पूनम झा

रचनाकार- पूनम झा

विधा- कविता

" वन्दे मातरम "
—————-
तिरंगा ऊंचा रखना
धर्म हमारा है।
तिरंगे की रक्षा करना
कर्म हमारा है।

नमन उन वीरों को
मातृभूमि के खातिर
किया खुद को कुर्बान,
वीरों की गाथा से
सुशोभित इतिहास है जहां
ऐसा देश है मेरा महान।

हम भारतीय हैं
जन,मन,गण
गाते चलो,
राष्ट्रध्वज तिरंगा
फहराते चलो।

आजादी का प्रतीक
ये तिरंगा
गर्व हमारा है,
करो सलाम तिरंगे को
गणतंत्र दिवस
राष्ट्र पर्व हमारा है।

" वंदे मातरम् "
एक साथ बोलो
इस जहां में
सबसे प्यारा मेरा हिन्दुस्तान,
तुम भी बोलो
हम भी बोलें
मेरे देश की मिट्टी भी बोले
जय जवान – जय किसान।
" जय हिन्द "
@पूनम झा।कोटा,राजस्थान 26-1-17
###########################

Sponsored
Views 26
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
पूनम झा
Posts 66
Total Views 1.9k
मैं पूनम झा कोटा,राजस्थान (जन्मस्थान: मधुबनी,बिहार) से । सामने दिखती हुई सच्चाई के प्रति मेरे मन में जो भाव आते हैं उसे शब्दों में पिरोती हूँ और यही शब्दों की माला रचना के कई रूपों में उभर कर आती है। मैं ब्लॉग भी लिखती हूँ | इसका श्रेय मेरी प्यारी बेटी को जाता है । उसी ने मुझे ब्लॉग लिखने को उत्प्रेरित किया। कभी कभी पत्रिकाओं में मेरी रचना प्रकाशित होती रहती है | ब्लॉग- mannkibhasha.blogspot.com

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia