जय हिंद

Pritam Rathaur

रचनाकार- Pritam Rathaur

विधा- मुक्तक

जिगर में आज भी अपने तिरंगा मुस्कुराता है
भगत सुखराज वो बल्लभ वो गंगा मुस्कुराता है
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वो टूटी झोपड़ी में सो सूखी रोटी ही खाकर
जो 'जन गण मन' कोसुनकर वोनंगा मुस्कुराता है
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बड़े ही शान से कहता हूँ भारत आन है अपनी
फलक पे जिस तरह तारों में चंदा मुस्कुराता है
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Pritam Rathaur
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मैं रामस्वरूप राठौर "प्रीतम" S/o श्री हरीराम निवासी मो०- तिलकनगर पो०- भिनगा जनपद-श्रावस्ती। गीत कविता ग़ज़ल आदि का लेखक । मुख्य कार्य :- Direction, management & Princpalship of जय गुरूदेव आरती विद्या मन्दिर रेहली । मानव धर्म सर्वोच्च धर्म है मानवता की सेवा सबसे बड़ी सेवा है। सर्वोच्च पूजा जीवों से प्रेम करना ।

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