जय श्री राधे कृष्णा

पूनम झा

रचनाकार- पूनम झा

विधा- मुक्तक

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कहे राधा, रंग जाऊँ श्याम तेरे रंग में
सुध बुध खोयी नाचूं श्याम तेरे संग में
क्या हूँ बिन तेरे,बन जाऊँ मैं माला ही
माला शोभित होऊँ श्याम तेरे अंग में ।
@पूनम झा | कोटा, राजस्थान

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पूनम झा
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मैं पूनम झा कोटा,राजस्थान (जन्मस्थान: मधुबनी,बिहार) से । सामने दिखती हुई सच्चाई के प्रति मेरे मन में जो भाव आते हैं उसे शब्दों में पिरोती हूँ और यही शब्दों की माला रचना के कई रूपों में उभर कर आती है। मैं ब्लॉग भी लिखती हूँ | इसका श्रेय मेरी प्यारी बेटी को जाता है । उसी ने मुझे ब्लॉग लिखने को उत्प्रेरित किया। कभी कभी पत्रिकाओं में मेरी रचना प्रकाशित होती रहती है | ब्लॉग- mannkibhasha.blogspot.com

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