छठ चार दिवसीय महापावन व्रत

लक्ष्मी सिंह

रचनाकार- लक्ष्मी सिंह

विधा- कविता

🌹🌹🌹🌹
छठ चार दिवसीय महापावन व्रत,
व्रती करती महा कठिन तप।
रखा जाता पवित्रता का बड़ा ही ख्याल,
व्रती रहती निर्जला ,निराहार।
चारो दिन सोते जमीन पर चटाई बिछाय।
प्रथम दिन नहाय खाय,
सुबह सबरे सिर से नहाय ,
खाते कद्दू भात बनाय।
दूसरा दिन है खरना,
दिनभर निर्जल उपवास रखना
साँम में खीर पूरी का नवेद काढना।
तीसरे दिन संध्या अर्ध्य
डूबते सूर्य को देते अर्ध्य।
चौथा दिन उगते सूर्य को देकर अर्ध्य
सूर्यदेव से मांगते निर्मल काया
सुख सम्पती,पुत्र,धन-धान्य।
व्रत का होता निस्तार (समापन)
व्रती देकर खोईछा प्रसाद
फिर लेती जल और आहार।
छठ है चार दिवसीय महाव्रत
व्रती करती कठिन तप।
🌹🌹🌹🌹—लक्ष्मी सिंह

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लक्ष्मी सिंह
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