चोटी के लिए

Vindhya Prakash Mishra

रचनाकार- Vindhya Prakash Mishra

विधा- लेख

इस समय हमारे देश में एक अजीब सी बेचैनी व्याप्त है । कोई चोटी काट ले रहा है ।रहस्य का विषय है ।पर हम पढे लिखे वैज्ञानिक दृष्टिकोण से दूर हो रहे हैं ।
चोटी बचाने के लिए एडी चोटी का जोर लगा रही है औरते।
क्या आज भी हम नहीं बदले
मोबाइल टू जी से थ्री जी अब फोर जी हो गया
हम कब बदलेगे गुरु जी।

मेरे विचार से – विन्ध्यप्रकाश मिश्र विप्र

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Vindhya Prakash Mishra
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