** चेतक मेरे यार **

भूरचन्द जयपाल

रचनाकार- भूरचन्द जयपाल

विधा- गीत

चेतक मेरे यार
सुन तेरे टापों की आवाज
दिल मेरा इक पल डोले
बोले होले होले
तेरे बिन वादी सूनी
तेरे बिन घाटी सूनी
टप टप टप टप सुन
तेरे टापों की आवाज़
जिया दुश्मन डोले
दिल मेरा बोले होले
होले होले
******
तेरा छोड़ूंगा ना साथ
चाहे कुछ भी हो ले
तेरे बिन रणभूमी सूनी
तेरे बिन युद्धभूमी सुनी
तेरे बिन हल्दीघाटी सूनी
तेरे बिन
******
अब मान जा मेरे यार
दुश्मन हो गया
सर पे सवार
करले अब असवार
********
अब उठ जा मेरे यार
उठ करले हवा से बात
तेरे बिन दिल मेरा ऊना
लागे सब सूना सूना
********
तेरे बिन वीरां घाटी
अब मोल मांगे माटी
अब करले पार घाटी
सुन ले मेरी पुकार
**************
चेतक मेरे साथी
हम जैसे दिवा-बाती
हां चेतक मेरे साथी
हां चेतक मेरे साथी।।
👍मधुप बैरागी

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भूरचन्द जयपाल
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मैं भूरचन्द जयपाल सेवानिवृत - प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानासर जिला -बीकानेर (राजस्थान) अपने उपनाम - मधुप बैरागी के नाम से विभिन्न विधाओं में स्वरुचि अनुसार लेखन करता हूं, जैसे - गीत,कविता ,ग़ज़ल,मुक्तक ,भजन,आलेख,स्वच्छन्द या छंदमुक्त रचना आदि में विशेष रूचि, हिंदी, राजस्थानी एवं उर्दू मिश्रित हिन्दी तथा अन्य भाषा के शब्द संयोग से सृजित हिंदी रचनाएं 9928752150

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