” ————————————————- चाँद भी है शर्माया ” !!

भगवती प्रसाद व्यास

रचनाकार- भगवती प्रसाद व्यास " नीरद "

विधा- गीत

घूँघट हटा चांदनी बिखरी , शीतल शीतल छाया !
यहां वहां फैला उजियारा , चांद भी है शर्माया !!

तेरे नाम पर सजधज सारी , तेरा नाम जुबां पर !
तेरे नाम पर जग भूली हूँ , दिल में तुझे बसाया !!

ऋतुओं ने भी रंग बदला है , फितरत सबकी बदली !
नीयत पर विश्वास नहीं अब , सबका मन भरमाया !!

जहां नेह संग पले समर्पण , प्यार वहीं सजता है !
आंखों में विश्वास बसे तो , सब कुछ हासिल पाया !!

हाथ थाम कर साथ चले हैं , मन्ज़िल हमको पाना !
अगर भरोसा कायम रक्खा , लक्ष्य हाथ है आया !!

एक दूजे का साथ रहा तो , कठिन डगर है आसां !
तीज मने त्यौहार मनेगें , पल पल है हरषाया !!

तेरी खुशियां मेरी खुशियां , वारें एक दूजे पर !
मुस्कानों को पलते देखा , मन अपना सरसाया !!

बृज व्यास

Sponsored
Views 146
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
भगवती प्रसाद व्यास
Posts 125
Total Views 29.5k
एम काम एल एल बी! आकाशवाणी इंदौर से कविताओं एवं कहानियों का प्रसारण ! सरिता , मुक्ता , कादम्बिनी पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन ! भारत के प्रतिभाशाली रचनाकार , प्रेम काव्य सागर , काव्य अमृत साझा काव्य संग्रहों में रचनाओं का प्रकाशन ! एक लम्हा जिन्दगी , रूह की आवाज , खनक आखर की एवं कश्ती में चाँद साझा काव्य संग्रह प्रकाशित ! e काव्यसंग्रह "कहीं धूप कहीं छाँव" एवं "दस्तक समय की " प्रकाशित !

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia