चाँद की रखता तो वो है चाहत!

Dinesh Dave

रचनाकार- Dinesh Dave

विधा- गज़ल/गीतिका

रदीफ़ .नही है क्या!

हो गया चुप बोलता नही है क्या
राज दिल के खोलता नही है क्या।।

थाम लेता एक दफा अगर दिल से
हाथ फिर वो छोड़ता नही है क्या।।

जाम आँखों से ही पिलाता पर
बहकने से रोकता नही है क्या।।

चाँद की रखता तो है वो चाहत
आसमां में खोजता नही है क्या।।

टूट तो उनका गया है दिल मगर
ये हुआ क्यों सोचता नही है क्या ।।

"दिनेश"

Views 4
Sponsored
Author
Dinesh Dave
Posts 16
Total Views 196
मेरा परिचय नाम दिनेश दवे पिता का नाम श्री बालकृष्ण दवे शैक्षणिक योग्यता :बी ई मैकेनिकल इंजीनियरिंग, एम बी ए लेखन एवं प्रकाशन : विगत पांच वर्षो से लेखन, अभी तक साँझा प्रकाशन , पता 2/एल आई पी एल ब्लाक, केमिकल स्टाफ कॉलोनी, बिरलाग्राम, नागदा, जिला उज्जैन, मध्यप्रदेश पिन 456331 मोबाइल 9826045953
इस पेज का लिंक-

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


Sponsored
Related Posts
हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia