चलो निरन्तर लक्ष्य पे अपने

कवि कृष्णा बेदर्दी

रचनाकार- कवि कृष्णा बेदर्दी

विधा- गीत

अब तक फूलों पे चलते आये,अब काँटों पर चलाना हैं,

अडिग हिमालय खड़ा हुआ, दृढ़ता का पाठ पढ़ता हैं,

चलो निरन्तर लक्ष्य पे अपने,सिंधु जल के संग चलो,

अपने लक्ष्य पे अटल रहो,सबकी बाधा मिटाते चलो,

अपनी रक्षा आप करे जो, देते उसका साथ विधाता,

दुसरो पर जो आश्रित हैं,पग पग पे ठोकर खाता ,

जीवन का सिद्धांत अमर हैं, उसपर हमको चलना हैं,

अपने मन की चंचलता से,मेघो पे गर्जन करना हैं,

सागर सा गम्भीर बने, सहनशक्ति धरती सा हो,

रात के अंधेरो को मिटा सके,सूर्य के जैसा जीवन हो,

अन्धकार हो जीवन में, आलोकित उसको हम कर दे,

दुःखियों के दुःख मिटा सके, जीवन सुखों से भर दे,

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कवि कृष्णा बेदर्दी
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कवि कृष्णा बेदर्दी ( डाक्टर) जन्मतिथि-०७/०७/१९८८ जन्मस्थान- मधुराई (तमिलनाडु) शिक्षा मैट्रिक -विलेपार्ले(मुम्बई) शिक्षा मेडिकल - B.A.M.S.(लन्दन) प्रकाशित पुस्तक- हिन्दी_हमराही,अनुभूति,महक मुसाफिर, तेलुगु, हिन्दी-तेलुगू फिल्मों में गीतकार शौक_ डांस,अभिनय,गिटार,लेखन, नम्बर- +918319898597 Email I'd kavibedardi@gmail.com, Facebook link https://m.facebook.com/Bedardi? Twitter_@kavibedardi

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