गज़ल :– मैकदों में लड़खड़ाने आ गए ॥

Anuj Tiwari

रचनाकार- Anuj Tiwari "इन्दवार"

विधा- गज़ल/गीतिका

गज़ल :–मैकदों में लड़खड़ाने आ गए ॥

प्यार वो हम से जताने आ गए ।
आज फ़िर से आजमाने आ गए ।

बेडियां पैरों में मेरे क्या बँधी ,
फैसला कातिल सुनाने आ गए ।

जब हुआ मुश्किल सम्हलना भी मिरा
मैकदों में लड़खड़ाने आ गए ।

इसकदर इफ्फत से वो समझे हमें ,
साँस क्या टूटी , जलाने आ गए ।

आब आँखो से मिरे क्या गिर गया ,
आग बस्ती की बुझाने आ गए ।

अनुज तिवारी "इंदवार"

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नाम - अनुज तिवारी "इन्दवार" पता - इंदवार , उमरिया : मध्य-प्रदेश लेखन--- ग़ज़ल , गीत ,नवगीत ,कविता , हाइकु ,कव्वाली , तेवारी आदि चेतना मध्य-प्रदेश द्वारा चेतना सम्मान (20 फरवरी 2016) शिक्षण -- मेकेनिकल इन्जीनियरिंग व्यवसाय -- नौकरी प्रकाशित पुस्तकें :-- 1) नया युग नई सोच 2) परवाज़ (ग़ज़ल संग्रह) 3) जज्बात-ए-कलम 4) प्रत्याशा : एक पग पथ की ओर मोबाइल नम्बर --9158688418 anujtiwari.jbp@gmail.com

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