गज़ल :– दिल दरवाजा खोल रखा है !!

Anuj Tiwari

रचनाकार- Anuj Tiwari "इन्दवार"

विधा- गज़ल/गीतिका

ग़ज़ल :– दिल दरवाजा खोल रखा है !!

बहर –222—-221—122 !!
!
तुम आयोगी बोल रखा है !
दिल दरवाजे खोल रखा है !!
!
समझाओ तुम इस पगले को !
अन्दर कुछ अनमोल रखा है !!
!
सुंदर साज सुडौल नहीं पर !
ये अपनी काजोल रखा है !!
!
अरमानों की प्रेम क्षुधा में !
मीठे सपने घोल रखा है !!
!
जज्बातों की मापदण्ड का !
हर नक्शा भूगोल रखा है !!

गज़लकार :– अनुज तिवारी "इन्दवार "

Views 66
Sponsored
Author
Anuj Tiwari
Posts 99
Total Views 13.8k
नाम - अनुज तिवारी "इन्दवार" पता - इंदवार , उमरिया : मध्य-प्रदेश लेखन--- ग़ज़ल , गीत ,नवगीत ,कविता , हाइकु ,कव्वाली , तेवारी आदि चेतना मध्य-प्रदेश द्वारा चेतना सम्मान (20 फरवरी 2016) शिक्षण -- मेकेनिकल इन्जीनियरिंग व्यवसाय -- नौकरी मोबाइल नम्बर --9158688418 anujtiwari.jbp@gmail.com
इस पेज का लिंक-

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


Sponsored
Related Posts
हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia
6 comments
  1. बहुत सुन्दर वाह्ह्ह्ह्ह्। दिल दरवाजा ….. मीठा सपना …..

  2. बोलेंगे जो भी हमसे बह ,हम ऐतवार कर लेगें
    जो कुछ भी उनको प्यारा है ,हम उनसे प्यार कर लेगें

    बह मेरे पास आयेंगे ये सुनकर के ही सपनो में
    क़यामत से क़यामत तक हम इंतजार कर लेगें

    मेरे जो भी सपने है और सपनों में जो सूरत है
    उसे दिल में हम सज़ा करके नजरें चार कर लेगें

    जीवन भर की सब खुशियाँ ,उनके बिन अधूरी है
    अर्पण आज उनको हम जीबन हजार कर देगें

    हमको प्यार है उनसे और करते प्यार बह हमको
    गर अपना प्यार सच्चा है तो मंजिल पर कर लेगें

    • मदन जी आपकी ग़ज़ल बहुत प्यारी रहती हैं ….
      मैं hindisahitya की site में भी आपको पढ़ता हूँ !!

      धन्यवाद !