गज़ल :– कब तलक वो आपसे ही रूठ कर तन्हा रहेगी ॥

Anuj Tiwari

रचनाकार- Anuj Tiwari "इन्दवार"

विधा- गज़ल/गीतिका

गज़ल :– कब तलक वो आपसे ही रूठ कर तन्हा रहेगी ॥
बहर :-
2122-2122-2122-2122

कब तलक वो आपसे ही रूठ कर तन्हा रहेगी ।
जख्म गहरे हों अगर पीड़ा छिपाकर क्या रहेगी।

हैं बड़े हालात नाजुक हर जगह उन वादियों में ।
पर वहाँ हालात के रुख मोड़ कर जिंदा रहेगी ।

खो गए मैदान कितने वालुओ की ढेर में तो ।
अब वहां इंसानियत के नाम की तृष्णा रहेगी ।

गुम हुए जज्बात कितनों के यहाँ मुँह फेर मत तू।
गुम हुए किरदार तो भी इक अमिट काया रहेगी ।

अनुज तिवारी "इंदवार"

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Anuj Tiwari
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नाम - अनुज तिवारी "इन्दवार" पता - इंदवार , उमरिया : मध्य-प्रदेश लेखन--- ग़ज़ल , गीत ,नवगीत ,कविता , हाइकु ,कव्वाली , तेवारी आदि चेतना मध्य-प्रदेश द्वारा चेतना सम्मान (20 फरवरी 2016) शिक्षण -- मेकेनिकल इन्जीनियरिंग व्यवसाय -- नौकरी मोबाइल नम्बर --9158688418 anujtiwari.jbp@gmail.com
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