गौरेया

मनीषा गुप्ता

रचनाकार- मनीषा गुप्ता

विधा- कविता

चूं चूं करती जब
चिड़िया रानी
सुबह सुबह बुलाती है …

उसकी यह मनमोहक अदा
मेटे मन को लुभाती है …

फुदक फुदक मेरे चारो और
अपनी चाहत बतलाती है…

देख मेरे हाथ में दानो का
कसोरा , उड़ कर उस पर
आ जाती है …………

चूं चूं करती जाती और
एक एक दाना चुग जाती है…

जाते जाते कहती एक अदा से
कल वापस फिर आउंगी ….

तुझ से मिलकर तेरे हाथो से
अपनी भूख मिटाऊँगी …….

बहुत प्यारा नाता है हम दोनों का
जीवन भर साथ निभाने का …..

कुछ पल अपने दे कर
उसका मधुर प्यार पाने का …..

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मनी

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मनीषा गुप्ता
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शिक्षा - हिंदी स्नातकोत्तर कृतियां - बरसात की एक शाम नाट्य विधा - औरत दास्ताँ दर्द की नाट्य विधा - जिंदगी कैसी है पहेली अनेक पत्र पत्रिका में कहानियां , लेख , और कविताएं

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