गुल खिलते हैं पर उनको खिलकर मुरझाना पड़ता है

Dr Archana Gupta

रचनाकार- Dr Archana Gupta

विधा- मुक्तक

गुल खिलते हैं पर उनको खिलकर मुरझाना पड़ता है
काँटों में रहते हैं पर उनको मुस्काना पड़ता है
सुख दुख का आना जाना तो जीवन चक्र हुआ करता
दुनिया में है सत्य यही मन को समझाना पड़ता है
डॉ अर्चना गुप्ता

Views 44
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
Dr Archana Gupta
Posts 252
Total Views 17.4k
Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख पत्र पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित।

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia