गुरू पूर्णिमा

Maneelal Patel

रचनाकार- Maneelal Patel

विधा- हाइकु

हाइकु

गुरू पुर्णिमा विशेष

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सर्वविदित
गुरूओं की महत्ता
पग वंदन।

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मिटे दुविधा
गुरू की संगत में
निर्भय मन ।

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शिष्य की राह
गुरू की दिशा ज्ञान
बिछे चमन।

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नहींं सहज
मिलते सच्चे गुरू
कर्म मगन।

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हर कदम
आशीष हो गुरू का
शुभ जीवन ।

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✏मनीलाल पटेल

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Maneelal Patel
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मैंने रोमांटिक मोमेंट पर 1000 गीत लिखे हैं । अब नई कविता, हाईकु और छत्तीसगढ़ी कविता पर अपना मुकाम बनाना चाहता हूँ ।

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