गुजरे वक्त की याद………….रुलाती है |गीत| “मनोज कुमार”

मनोज कुमार

रचनाकार- मनोज कुमार

विधा- गीत

गुजरे वक्त की याद याद आती है |
चुपसा रहता है दिल रुलाती है ||

जबसे छीनी है प्यार की दौलत |
बनके हम तो फ़क़ीर बैठे है ||
झूठा ही सही ख़्वाब में आ जाना |
दूर रहकर ये रूह रोती है ||

गुजरे वक्त की याद याद आती है |
चुपसा रहता है दिल रुलाती है ||

अब तो मंजिल है ना ठिकाना है |
दिल की चाहत तुम्हीं को पाना है ||
तुमको भूला कभी ना गलती है |
तुमसे ही साँस मेरी चलती है ||

गुजरे वक्त की याद याद आती है |
चुपसा रहता है दिल रुलाती है ||

मैं तो दीपक तू मेरी बाती है |
हर घड़ी साथ दे वो साथी है ||
वफ़ा भी तुमसे जानी जाती है |
मेरी पहचान तुमसे आती है ||

गुजरे वक्त की याद याद आती है |
चुपसा रहता है दिल रुलाती है ||

“मनोज कुमार”

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मनोज कुमार
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नाम - मनोज कुमार , जन्म स्थान - बुलंदशहर , उत्तर प्रदेश (भारत) , शिक्षा - एम. एस. सी. ( गणित ) , शिक्षा शास्त्र , EMAIL - MPVERMA85@YAHOO.IN https://manojlyricist.blogspot.in/

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