गीत ग़ज़ल कुछ भी नहीं

AWADHESH NEMA

रचनाकार- AWADHESH NEMA

विधा- कुण्डलिया

गीत ग़ज़ल कुछ भी नहीं, नहि मुक्तक नहीं छंद ।
यूँ ही घुमा फिराय के, रखे शब्द हैं चंद ।।
रखे शब्द हैं चंद, नहीं कुछ मतलब जिनका ।
बिलकुल हैं बेकार, व्यर्थ है पढ़ना इनका ।।
कहो साथियो आखिर इसमें, क्या है मेरी भूल ।
अगर आप भी पढ़कर इनको,बन जाएं अप्रैल फूल ।।

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AWADHESH NEMA
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मध्यप्रदेश शासन कृषि विभाग में उप संचालक कृषि, आई आई टी खरगपुर से वर्ष 1984 में भूमि एवं जल संरक्षण अभियांत्रिकी से एम. टेक.। अध्ययन यात्रा हेतु आस्ट्रेलिया भ्रमण । आई टी प्रयोग तथा उत्कृष्ट लोकसेवा प्रबंधन हेतु मुख्यमंत्री पुरूस्कार तथा राष्ट्रीय गौरव अवार्ड । जन उपयोगी ज्ञान का दोहा चौपाइयों के रूप में प्रस्तुतीकरण www.awadheshnema.blogspot.in

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