गीत ग़ज़ल कुछ भी नहीं

AWADHESH NEMA

रचनाकार- AWADHESH NEMA

विधा- कुण्डलिया

गीत ग़ज़ल कुछ भी नहीं, नहि मुक्तक नहीं छंद ।
यूँ ही घुमा फिराय के, रखे शब्द हैं चंद ।।
रखे शब्द हैं चंद, नहीं कुछ मतलब जिनका ।
बिलकुल हैं बेकार, व्यर्थ है पढ़ना इनका ।।
कहो साथियो आखिर इसमें, क्या है मेरी भूल ।
अगर आप भी पढ़कर इनको,बन जाएं अप्रैल फूल ।।

Sponsored
Views 142
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
AWADHESH NEMA
Posts 4
Total Views 243
मध्यप्रदेश शासन कृषि विभाग में उप संचालक कृषि, आई आई टी खरगपुर से वर्ष 1984 में भूमि एवं जल संरक्षण अभियांत्रिकी से एम. टेक.। अध्ययन यात्रा हेतु आस्ट्रेलिया भ्रमण । आई टी प्रयोग तथा उत्कृष्ट लोकसेवा प्रबंधन हेतु मुख्यमंत्री पुरूस्कार तथा राष्ट्रीय गौरव अवार्ड । जन उपयोगी ज्ञान का दोहा चौपाइयों के रूप में प्रस्तुतीकरण www.awadheshnema.blogspot.in

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia