गीत- हैँ उलझते आज मेरे गीत से

आकाश महेशपुरी

रचनाकार- आकाश महेशपुरी

विधा- गीत

गीत- हैँ उलझते आज मेरे गीत से
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हैँ उलझते आज मेरे गीत से
ये तेरे अंदाज दिल की भीत से
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तूँ जवाँ तेरी जवाँ मुस्कान है
इन गुलोँ की तुमसे ही पहचान है
पर तुझे मैँ छू नहीँ सकता कभी
जाने किसकी ऐ सनम तूँ जान है
मैँ बँधा हूँ आज उनकी प्रीत से-
हैँ उलझते आज मेरे गीत से
ये तेरे अंदाज दिल की भीत से
॰॰॰
तूँ रहे दिल की मेरे तस्वीर मेँ
जाने तुम किसकी लिखी तकदीर मेँ
वक्त मेरे आशिकी का खो गया
अब न आँखेँ डूबतीँ हैँ नीर मेँ
प्यार मत करना तूँ ऐसे मीत से-
हैँ उलझते आज मेरे गीत से
ये तेरे अंदाज दिल की भीत से
॰॰॰
जी करे तेरी अदा को चूम लूँ
और जुल्फोँ की घटा मेँ झूम लूँ
पर न जाने बात जँचती ये नहीँ
मैँ तेरी बाँहोँ मेँ दुनिया घूम लूँ
हार ही जायेँगे ऐसी जीत से-
हैँ उलझते आज मेरे गीत से
ये तेरे अंदाज दिल की भीत से

– आकाश महेशपुरी

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आकाश महेशपुरी
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पूरा नाम- वकील कुशवाहा "आकाश महेशपुरी" जन्म- 20-04-1980 पेशा- शिक्षक रुचि- काव्य लेखन

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