गीत : तुम जो मिले……..👌👌👌

Radhey shyam Pritam

रचनाकार- Radhey shyam Pritam

विधा- गीत

तुम जो मिले,जैसे बहार आयी।
सावन की सुन,कोई फुहार आयी।।

दिल-कली खिली,खुशबू बिखर गई है।
रोम-रोम में,हसरत निखर गई है।
पवन प्रेम की,खुशियाँ अपार लायी।
सावन की सुन……………।

हौंसला बढा,नई सोच जागी है।
गम की रेखा,दूर कहीं भागी है।
आशा सजकर,दिल में निखार लायी।
सावन की सुन………….।

कदम निडर बन,सफर पर चल पडे हैं।
दिल में अरमां,जग-जग उछल पडे हैं।
धडकन मेरी, तेज रफतार लायी।
सावन की सुन……………।

खुदा की दीद,तुम बन गई हो सनम।
एक उम्मीद,तुम जग गई हो सनम।
जीवन मैं तुम,हसीं संसार लायी।
सावन की सुन…………..।
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राधेयश्याम….बंगालिया….प्रीतम….कृत

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