गीत- पढ़ लो पढ़ लो

आकाश महेशपुरी

रचनाकार- आकाश महेशपुरी

विधा- गीत

पढ़ लो पढ़ लो भाई-बहना
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इस दुनिया में अनपढ़ रहना अपना ही अपमान है
पढ़ लो पढ़ लो भाई-बहना पढ़ना काज महान है

तुम जो पीछे रह जाओगे अंधेरो में खो जाओगे
खिल जाओगे पढ़़ कर देखो क्या से क्या तुम हो जाओगे
शिक्षित हैं बस यारों मेरे उनका ही सम्मान है
पढ़ लो पढ़ लो भाई-बहना पढ़ना काज महान है

अब ध्यान रहे यह वक्त नहीं फिर लौट दुबारा आयेगा
यह पल यूँ ही जो बीत गया तो पल पल तू पछतायेगा
शिक्षा का है दौर नया पर तेरा किस पर ध्यान है
पढ़ पढ़ लो भाई-बहना पढ़ना काज महान है

दुख लगता है पन्ने पर जो कोई अंगूठा छाप लगे
सच कहता हूँ भाई मेरे ये जीवन का अभिशाप लगे
जान इसे पहचान कि जल्दी क्यों अबतक अनजान है-
पढ़ लो पढ़ लो भाई-बहना पढ़ना काज महान है

– आकाश महेशपुरी

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आकाश महेशपुरी
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पूरा नाम- वकील कुशवाहा "आकाश महेशपुरी" जन्म- 20-04-1980 पेशा- शिक्षक रुचि- काव्य लेखन पता- ग्राम- महेशपुर, पोस्ट- कुबेरस्थान, जनपद- कुशीनगर (उत्तर प्रदेश)

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