गीतिका

ईश्वर दयाल गोस्वामी

रचनाकार- ईश्वर दयाल गोस्वामी

विधा- गज़ल/गीतिका

अगर चाहता है तू खुशियाँ ,दुख तुझको सहना होगा ।
बैठे-बैठे कुछ न होगा , जतन तुझे करना होगा । ।
वज्राघात भले हो जाए , गिरे टूटकर पर्वत ऊपर ,
भूकम्पों का दौर भी आए , तुझे अडिग रहना होगा । ।
सागर उमड़े यदि पीड़ा का ,नदियाँ उल्टी बह निकलें ,
दलदल रोके मार्ग यदि तो , तुझे नहीं मुड़ना होगा ।।
तेरा चलना चलते रहना , राह दूसरों को देगा ,
केवल मानवता के पथ पर , तुझे सदा चलना होगा ।।
अवरोधक आँधी आएगी ,अगर चलेगा राह सत्य की,
तूफानों की बौछारों में , तुझे न पल हिलना होगा ।

-ईश्वर दयाल गोस्वामी।

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ईश्वर दयाल गोस्वामी
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-ईश्वर दयाल गोस्वामी कवि एवं शिक्षक , भागवत कथा वाचक जन्म-तिथि - 05 - 02 - 1971 जन्म-स्थान - रहली स्थायी पता- ग्राम पोस्ट-छिरारी,तहसील-. रहली जिला-सागर (मध्य-प्रदेश) पिन-कोड- 470-227 मोवा.नंबर-08463884927 हिन्दीबुंदेली मे गत 25वर्ष से काव्य रचना । कविताएँ समाचार पत्रों व पत्रिकाओं में प्रकाशित । रुचियाँ-काव्य रचना,अभिनय,चित्रकला । पुरस्कार - समकालीन कविता के लिए राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल द्वारा 2013 में राज्य स्तरीय पुरस्कार । नेशनल बुक ट्रस्ट नई दिल्ली द्वारा रमेशदत्त दुबे युवा कवि सम्मान 2015 ।
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