गाते मेघ मल्हार

RAMESH SHARMA

रचनाकार- RAMESH SHARMA

विधा- दोहे

नाच मयूरा झूमकर, गाते मेघ मल्हार !
चढ़ा नाव पर आज फिर, माँझी ले पतवार !!
बादल बैरी हो गये, तब से अधिक रमेश!
कुदरत के जब से सभी,लगे कतरने केश!!

जिसको भी मौका मिला,लिया प्रकृति को नोच!
बरसे कैसे मेघ फिर,………..एक बार तो सोच!!
रमेश शर्मा.

Sponsored
Views 25
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
RAMESH SHARMA
Posts 178
Total Views 3.4k
अपने जीवन काल में, करो काम ये नेक ! जन्मदिवस पर स्वयं के,वृक्ष लगाओ एक !! रमेश शर्मा

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia