ग़ज़ल

Sube singh Sujan

रचनाकार- Sube singh Sujan

विधा- गज़ल/गीतिका

तन्हा से छत पे बैठे हो, ठीक ठाक तो हो ?
क्या बात?खुद से लड़ते हो ठीक ठाक तो हो?

जगजीत सिंह को सुनते हो ,ठीक ठाक तो हो ?
ग़ालिब के शेर पढ़ते हो ठीक ठाक तो हो?

क्यों खुद ही हँसने लगते हो ठीक ठाक तो हो ?
बिन बात रोने लगते हो ठीक ठाक तो हो ?

दुनिया की बातें करना,दुनिया की बातें सुनना,
तुम किससे बात करते हो ठीक ठाक तो हो?

सूबे सिंह सुजान

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Sube singh Sujan
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Poetry ग़ज़लें,गीत,कविता व कहानी लेखन ग़ज़ल संग्रह "सीने में आग " प्रकाशित है मासिक पत्रिका,समाचार पत्रों में रचनाएँ प्रकाशित व आकाशवाणी प्रसारण तथा साहित्य संस्थाओं में भागीदारी के साथ राष्ट्रीय कवि सम्मेलनों में प्रमुखता से भाग लेते रहे हैं ।

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