ग़ज़ल

ईश्वर दयाल गोस्वामी

रचनाकार- ईश्वर दयाल गोस्वामी

विधा- गज़ल/गीतिका

ज़मानें ये जब भी ज़मानें न होंगे ।
तराऩें ये तब भी पुरानें न होंगे ।।
अभी से न रोको क़लम का सफ़र तुम
दिलक़श ये आगे बहानें न होंगे ।।
अगर ख़ून-ए-दिल से लिखोगे हमेशा,
कभी ख़त तुम्हारे पुरानें न होंगे ।
अभी बाँट लो तुम मुह़ब्बत की दौलत,
ख़ज़ानें ये आगे ख़ज़ानें न होंगे ।
मिला है ये जीवन भले चार दिन का,
'ईश्वर' ये पल भी,गँवानें न होंगे।
-ईश्वर दयाल गोस्वामी।
कवि एवं शिक्षक।

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ईश्वर दयाल गोस्वामी
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-ईश्वर दयाल गोस्वामी कवि एवं शिक्षक , भागवत कथा वाचक जन्म-तिथि - 05 - 02 - 1971 जन्म-स्थान - रहली स्थायी पता- ग्राम पोस्ट-छिरारी,तहसील-. रहली जिला-सागर (मध्य-प्रदेश) पिन-कोड- 470-227 मोवा.नंबर-08463884927 हिन्दीबुंदेली मे गत 25वर्ष से काव्य रचना । कविताएँ समाचार पत्रों व पत्रिकाओं में प्रकाशित । रुचियाँ-काव्य रचना,अभिनय,चित्रकला । पुरस्कार - समकालीन कविता के लिए राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल द्वारा 2013 में राज्य स्तरीय पुरस्कार । नेशनल बुक ट्रस्ट नई दिल्ली द्वारा रमेशदत्त दुबे युवा कवि सम्मान 2015 ।

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