ग़ज़ल

ईश्वर दयाल गोस्वामी

रचनाकार- ईश्वर दयाल गोस्वामी

विधा- गज़ल/गीतिका

एक नेता ने कहा है, आएंगे अब दिन अच्छे ।
प्यार के गीत ही गाएंगे, अब दिन अच्छे ।।
अब न खाएगा कोई दर-ब-दर की ठोकर ,
ठांव सबके ही बनाएंगे , अब दिन अच्छे ।।
दहश़तो ज़ुर्म की अब रात न आएगी कभी,
भोर सुख-चैन की लाएंगे , अब दिन अच्छे ।।
अब न तड़पेगी किसी डाल पर चिड़िया कोई,
रोज़ ही दाना चुगाएंगे , अब दिन अच्छे ।।
चमन खिल जाएगा बिखरेगी ग़ुलों की ख़ुश़बू,
क्यारियां ऐंसी सजाएंगे , अब दिन अच्छे ।।
फ़स्ल की चूनर ही ओढ़ेगी ये धरती पूरी ,
आसमां अम़्न का लाएंगे , अब दिन अच्छे ।।
सांप मर जाएगा लाठी भी नहीं टूटेगी ,
तंत्र ऐंसा ही चलाएंगे , अब दिन अच्छे ।।
मौत गीदड़ की भी लाएगी श़ह्र की ज़ानिब़,
बात ऐंसी ही बनाएंगे , अब दिन अच्छे ।।
रहनुम़ाओं ने दें दी है तस़ल्ली सबको ,
भूख औ' प्यास बुझाएंगे , अब दिन अच्छे ।।
आस में बंध गईं मुफ़लिस की भीगी आंखें ,
कंठ से हमको लगाएंगे , अब दिन अच्छे ।।
टिक गईं अब तो ' ईश्वर ' की भी पलकें ,
मेरे घर में भी आएंगे , अब दिन अच्छे ।

ईश्वर दयाल गोस्वामी ।

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ईश्वर दयाल गोस्वामी
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-ईश्वर दयाल गोस्वामी कवि एवं शिक्षक , भागवत कथा वाचक जन्म-तिथि - 05 - 02 - 1971 जन्म-स्थान - रहली स्थायी पता- ग्राम पोस्ट-छिरारी,तहसील-. रहली जिला-सागर (मध्य-प्रदेश) पिन-कोड- 470-227 मोवा.नंबर-08463884927 हिन्दीबुंदेली मे गत 25वर्ष से काव्य रचना । कविताएँ समाचार पत्रों व पत्रिकाओं में प्रकाशित । रुचियाँ-काव्य रचना,अभिनय,चित्रकला । पुरस्कार - समकालीन कविता के लिए राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल द्वारा 2013 में राज्य स्तरीय पुरस्कार । नेशनल बुक ट्रस्ट नई दिल्ली द्वारा रमेशदत्त दुबे युवा कवि सम्मान 2015 ।

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