ग़ज़ल : दिल में आता कभी-कभी

दिनेश एल०

रचनाकार- दिनेश एल० "जैहिंद"

विधा- गज़ल/गीतिका

दिल में आता कभी-कभी

जग न भाता कभी-कभी ।
दिल में आता कभी-कभी ।।

देख छल-कपट बे-शर्मी,,
मन तो रोता कभी-कभी ।।

आकर फँसा जहाँ–तहाँ,,
वो नचाता कभी–कभी ।।

मेह…री कटु कहे जभी,,
दुख रुलाता कभी-कभी ।।

झंझट देखूँ घर-घर जब,,
गम सताता कभी-कभी ।।

दूर भागूँ कभी जहाँ,,
खींच लाता कभी-कभी ।।

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दिनेश एल० “जैहिंद”
21. 07. 2017

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दिनेश एल०
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मैं (दिनेश एल० "जैहिंद") ग्राम- जैथर, डाक - मशरक, जिला- छपरा (बिहार) का निवासी हूँ | मेरी शिक्षा-दीक्षा पश्चिम बंगाल में हुई है | विद्यार्थी-जीवन से ही साहित्य में रूचि होने के कारण आगे चलकर साहित्य-लेखन काे अपने जीवन का अंग बना लिया और निरंतर कुछ न कुछ लिखते रहने की एक आदत-सी बन गई | फिर इस तरह से लेखन का एक लम्बा कारवाँ गुजर चुका है | लगभग १० वर्षों तक बतौर गीतकार फिल्मों मे भी संघर्ष कर चुका,,

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