ग़ज़ल :– तुझे पाने की चाहत में !

Anuj Tiwari

रचनाकार- Anuj Tiwari "इन्दवार"

विधा- गज़ल/गीतिका

ग़ज़ल :– तुझे पाने की चाहत !
गजलकार :– अनुज तिवारी

तुझे पाने की चाहत में मेरी दुनियाँ उजड जाये !
प्यार की गुफ्तगू तुमसे कहीं महगीं ना पड जाये !

दिलों का मोल क्या जहाँ नाते भी बिकते हों !
दिलों की हेरा-फेरी मे कहीं आफत ना बढ जाये !

तेरी रंगत मे ख्वाबों की एक दुनियाँ बनाई थी !
ये मीठे ख्वाब पतझड के पत्तों से ना झड जाये !

तराने छेड कर मीठे कहीं तुम गुम ना हो जाओ !
यहाँ मिलने से पहले कहीं ना हम बिछड जायें !

Views 86
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
Anuj Tiwari
Posts 107
Total Views 18.1k
नाम - अनुज तिवारी "इन्दवार" पता - इंदवार , उमरिया : मध्य-प्रदेश लेखन--- ग़ज़ल , गीत ,नवगीत ,कविता , हाइकु ,कव्वाली , तेवारी आदि चेतना मध्य-प्रदेश द्वारा चेतना सम्मान (20 फरवरी 2016) शिक्षण -- मेकेनिकल इन्जीनियरिंग व्यवसाय -- नौकरी मोबाइल नम्बर --9158688418 anujtiwari.jbp@gmail.com

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia
One comment
  1. गर दबा नहीं है दर्द की तुझ पे
    दिल में दर्द जगाता क्यों हैं
    जो बीच सफर में साथ छोड़ दे
    उन अपनों से मिलबाता क्यों हैं