गर्व नहीं करना

Rita Yadav

रचनाकार- Rita Yadav

विधा- दोहे

गर्व नहीं करना कभी, धन पर ऐ इंसान l
कर जाता पल में प्रलय , छोटा सा तूफान ll
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सैनिक प्यारे देश के, कितने हों कुर्बान l
सरकारें सोती हुई, जूँ न रेंगती कान ll
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अपनों की खातिर रहे,दिल में गहरा प्यार l
अपनी ही है जिंदगी, अपना ही संसार ll
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रीता यादव

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Rita Yadav
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