गर्मी

Punam Garg

रचनाकार- Punam Garg

विधा- हाइकु

बाबा रे बाबा
देखो आ गई गर्मी
जली धरती

उफ ये गर्मी
दिखा गई बेशर्मी
नंगा बदन

भाये न गर्मी
अलसाये से दिन
बेरंग दिन

लू है चलती
खिड़की न खुलती
चूता पसीना

बिजली गई
बेचैन हुए लोग
झलते पंखा

सूर्य जलाता
सूखा ताल तलैया
धरती प्यासी

बच्चे हर्षित
स्कूल हो गये बंद
हवा मूर्छित

पूनम गर्ग

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Punam Garg
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