!!! गर्भ की आवाज !!!

अजीत कुमार तलवार

रचनाकार- अजीत कुमार तलवार "करूणाकर"

विधा- कविता

माँ,
जरा एक बार सुन तो ले मेरी पुकार
क्या यही है तेरा वो संसार
जिस के लिए तुमने मुझ को
यह दिखाने के लिए कर रही तैयार !!

माँ
कैसी पाल कर मुझ को करेगी तैयार
मुझ को तो दिख रहा सब बेकार
तुझ को तंग करते हैं यहाँ सब लो
क्या यही मिलेगा मुझ को भी परिवार !!

माँ
कितने तानो से खुद को करती हो बीमार
क्या पापा भी नहीं करते तुम से प्यार
तेरी ममता का सबब हो रहा मुझ को यहाँ
मैं आकर तुझ को दूँगी अपना प्यार !!

माँ
क्या मिलता है खाने को मैं जानती हूँ
इतना बदत्तर नजर आ रहा परिवार
मेरे चन्द महीनो के लिए मेरी माँ
तुमने कर लिया खुद को कितना लाचार !!

माँ
क्या ऐसा ही होगा मेरे भी परिवार
शायद मुझ भी ऐसे ही मिलेगी दुत्कार
किस को सुनूंगी मैं अपनी चीत्कार
कैसे कटेगी मेरी जिन्दगी और चलेगा संसार !!

माँ
अभी तो खुद से गर्भ में में सवाल कर रही
तुझ से कैसे सुनाऊ मैं यहाँ से पुकार
अब जब गर्भ मैं हूँ पल रही तेरे , मेरी माँ
शायद मेरी भी जिन्दगी में होंगे अत्याचार !!

अजीत कुमार तलवार
मेरठ

Views 69
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
अजीत कुमार तलवार
Posts 420
Total Views 7.2k
शिक्षा : एम्.ए (राजनीति शास्त्र), दवा कंपनी में एकाउंट्स मेनेजर, पूर्वज : अमृतसर से है, और वर्तमान में मेरठ से हूँ, कविता, शायरी, गायन, चित्रकारी की रूचि है , EMAIL : talwarajit3@gmail.com, talwarajeet19620302@gmail.com. Whatsapp and Contact Number ::: 7599235906

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia