गणतंत्र दिवस

Naveen Jain

रचनाकार- Naveen Jain

विधा- कविता

गणतंत्र दिवस है , राष्ट्रीय पर्व प्यारा
इसी दिन हुआ लागू , संविधान हमारा
सन् तीस में इसी दिन,मना स्वाधीनता दिवस
पूर्ण स्वराज के संदेश से, झूमा हिन्दूस्तान सारा

आज के दिन शपथ ले ले, भारतवासी हरेक
हम अनेक हैं पर एक रहेंगे, और बनेंगे नेक
देश की रक्षा के खातिर हम, अपना लहू बहाएँगे
और मरते दम तक हम अपना तिरंगा लहराएँगे

आज याद करो सब, शहीदों के बलिदान को
याद करलो अब , नेताजी के तुलादान को
याद करलो भगतसिंह और आजाद को
अब जगा लो अपने स्वाभिमान को

है विश्व गुरू, है महान , अपना भारत देश
यहाँ भिन्न – भिन्न व्यक्ति, हैं भिन्न – भिन्न वेष
अनेकता में एकता का सिद्धांत हमारा
अपना भारत देश हमें प्राणों से भी प्यारा

हम संकल्प लें आज कि भारत को अखंड बनाएँगे
अपने प्यारे भारत को हम स्वच्छ बनाएँगे
मतदान कर हम प्रजातंत्र का लाभ उठाएँगे
हम अपने वतन पर मर मिट जाएँगे

– नवीन कुमार जैन

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Naveen Jain
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मैं कवि नहीं, मैं कवि नहीं , ना मैं रचनाकार । मैं तो कविता रूप में व्यक्त करता अपने विचार ।। नाम - नवीन कुमार जैन पता - बड़ामलहरा जिला - छतरपुर म.प्र. मेरी स्वलिखित प्रकाशित पुस्तक - मेरे विचार , है । लिखना मेरा शौक है पर ख्वाब कुछ और ही है ।

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