गजल

डॉ मधु त्रिवेदी

रचनाकार- डॉ मधु त्रिवेदी

विधा- गज़ल/गीतिका

देख तुझको हमें करार मिला
आज जीवन कहीं उधार मिला

प्यास मिटती गई तभी मेरी
प्यार का जब मुझे खुमार मिला

जब मिला तू नहीं कभी उससे
रोज तेरा उसे इन्तजार मिला

साथ तेरा मुझे मिला प्यारा
जब रचा ब्याह साथ यार मिला

गोद मेरी भरी बहन ने जब
वक्त उस तो यहीं नया हार मिला

ढूढ़ता हूँ कहाँ -कहाँ उसको
वो हमें तो इसी नदी पार मिला

देख लाखों भटक रहे है क्यों
कर पता कोन सा न सार मिला

Views 12
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
डॉ मधु त्रिवेदी
Posts 273
Total Views 3k
डॉ मधु त्रिवेदी प्राचार्या शान्ति निकेतन कालेज आगरा स्वर्गविभा आन लाइन पत्रिका अटूट बन्धन आफ लाइन पत्रिका झकास डॉट काम जय विजय साहित्य पीडिया होप्स आन लाइन पत्रिका हिलव्यू (जयपुर )सान्ध्य दैनिक (भोपाल ) सच हौसला अखबार लोकजंग एवं ट्र टाइम्स दिल्ली आदि अखबारों में रचनायें विभिन्न साइट्स पर परमानेन्ट लेखिका

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia
One comment