💝💝 सीखो प्रकृति से कुछ💝💝

Radhey shyam Pritam

रचनाकार- Radhey shyam Pritam

विधा- कविता

फूलों से तुम हँसना सीखो भाई।
कलियों से सीखो मुस्कराना भाई।।

पेडों से सीखो सर्वस्व लुटाना तुम।
नदियों से सीखो स्वतंत्र बहना भाई।।

पर्वत से ऊपर उठना सीखो तुम।
फसलों से सीखो भूख मिटाना भाई।।

सागर से मेल मिलाप सीखो तुम।
चिडियों से सीखो चहचहाना भाई।।

चींटी से मेहनत सीख लीजिए तुम।
मकडी से सीखो जाल बुनना भाई।।

झरनों से कलकल बहना सीखो तुम।
बुलबुल से सीखो गाना तराना भाई।।

चंन्द्र-सूर्य से मुसाफिर बनना सीखो।
खुशबू से सबके मन में भाना भाई।।

"प्रीतम" से प्रीत सीख लीजिए तुम।
हार से सीखिए गले मिल जाना भाई।।

राधेश्याम "प्रीतम" कृत
***************
***************

Sponsored
Views 34
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
Radhey shyam Pritam
Posts 166
Total Views 9.1k

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia