गजल : यारी यार की……….👌👌👌

Radhey shyam Pritam

रचनाकार- Radhey shyam Pritam

विधा- गज़ल/गीतिका

याराना यार का मौसम ये बहार का।
फूले-फले दोस्ती मिले सुख प्यार का।।

यार तोहफा है ये किस्मत से मिलता।
दीप उजाला बनता जैसे घर-बार का।।

यारी खजाना है कुबेर से बडा दोस्त।
जिसे मिला सीखे गुण वो एतबार का।।

वक्त बदले पर यार नहीं बदले अगर।
यार वही है एक सुनिए व्यवहार का।।

दूर रहे पर मिलने की ख्वाहिश करे।
दीया जले नयन यार के दीदार का।।

कृष्ण-सुदामा का उदाहरण हृदय-पले।
गम कोसों दूर रहेगा हयाते-भार का।।

दिल खिले जब भी मिले दिल दिलसे।
भरदे दिल दिल में सार सब शृंगार का।।

एक-दूसरे का सुख-दुख अपना समझे।
मिले उजाला जीवन में तब संसार का।।

फूल-खुशबू सरिस मिलजुल रहें हम यहाँ।
चमन बने संसार फिर परवर-दिगार का।।

"प्रीतम"तेरी ये प्रीत सादगी की मूरत है।
करे रंगो-बू-सा असर किसी गुलजार का।।
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राधेयश्याम….बंगालिया….प्रीतम….कृत

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