गजल :मिलकर मुस्करा दीजिए

Radhey shyam Pritam

रचनाकार- Radhey shyam Pritam

विधा- गज़ल/गीतिका

मेरे प्यार का यूँ सिला दीजिए।
मिलकर दिल से मुस्कुरा दीजिए।।

आँखों में मुहब्बत का जश्न हो।
कभी भूलकर भी न गिला कीजिए।।

प्रेम से मिलना,प्रेम से रहना है।
यूँ ही जिन्दगी का मजा लीजिए।।

गुल खिल सुगंध बिखता पल-पल।
जिन्दगी में गुल-सा खिला कीजिए।।

प्रेम आनंद का आधार है मस्ती है।
दिल में बसा खुशियां जमा कीजिए।।

क्या लाए तुम क्या लेकर जाओगे।
गीता का वचन जरा सोचा कीजिए।।

"प्रीतम"प्यार की पूंजी लेकर जाना।
नफरत को दिल से जुदा कीजिए।।

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Radhey shyam Pritam
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