गऊ माता पर कलयुग का कहर

लेखक कपीन्द्र शर्मा

रचनाकार- लेखक कपीन्द्र शर्मा

विधा- गीत

कलयुग के म्हां पाप बढे और गऊ का मान रह्या कोन्या !
कित सोगे म्हारे हिन्दुस्तानी , वो हिन्दुस्तान रह्या कोन्या !!
१ . गऊ माता का मान करै जो ना होवै कदे हाणी
उसका नाश होया करै सै जिनै गऊ हत्या की ठाणी
कृष्ण राज मैं गऊ पुजैं थी , ना चाहिए रीत भुलाणी
उस हरफूल जाट नै हत्थे तोडे जिसका गाम जुलाणी
इब गऊ तैं करैं गिलाणी रै , वो गऊ का दान रह्या कोन्या !!
२. सरपंच और एम.एल.ए. तक भी कसाईयों से व्यावहार करैं
दो – पैसे के लोभ मैं आकै ये गऊवां का व्यापार करैं
मां की ईज्जत दांव पै लाकै खुद नै ये गुनाहगार करैं
पुलिस आले भी गौ इन गुन्डया नै जाणबूझ कै बाहर करैं
ये राष्ट्र नै शर्मसार करैं , वर्दी का ध्यान रह्या कोन्या !!
३. दर दर की या बणी भिखारी ना , किते खाण नै थ्यावै सै
किस पापी नै सूनी छोडी , अगले नै गाल सुणावैं सै
गऊ माता पै जुल्म करैं ये , बेरा ना के चाहवैं सै
हरया घास तक गेरै ना सब , मार पीट कै तावैं सै
तनै म्हारा घर क्यूं पावै सै , के बियाबान रह्या कोन्या !!
४. श्रीनिवास शर्मा गुरुजी रोवैं , देख दुनिया के कर्मा नै
गऊशाला मैं गऊ का खाज्या , लोग भूलगे धर्मा नै
हाड मांस तक छोडै ना ये , बिकवादे गऊ चर्मा नै
लाखण माजरे मैं कथा बणादी ,भगत कपीन्द्र शर्मा नै 
इब तो भर दयो गौ मर्मां नै , के यो भगवान रह्या कोन्या !!

सर्वाधिकार लेखकाधीन
लेखक – कपीन्द्र शर्मा
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अगर आप अतीत को ही याद करते रहेंगे , तो वर्तमान में जीना मुश्किल हो जाएगा , और भविष्य तो असंभव प्रतीत होने लगेगा , अतः वर्तमान में जीएं ! लेखक - कपीन्द्र शर्मा गांव - लाखनमाजरा जिला - रोहतक ( हरियाणा ) पिन कोड - 124514 फ़ोन नं o - 08529171419

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