“गंगा नदी”

ज़ैद बलियावी

रचनाकार- ज़ैद बलियावी

विधा- कविता

(((हमारी कविता एक अंश है)))
नदी हूँ नदी मैं गंगा नदी हूँ,
कहते है मुझको मैं निर्मल नदी हूँ!
है सरस्वती है यमुना मैं उनकी सखी हूँ,
नदी हूँ नदी मैं गंगा नदी हूँ!!
दिलो मे जो दर्द है वो कैसे दिखाऊ,
मैं तड़पन को अपने कैसे बताऊ!
मैं लहरों मे मेरे मेरी क़िस्मत पर रोऊ,
डर है मुझे मैं अपनी पवित्रता न खोऊ!!
नदी हूँ नदी मैं गंगा नदी हूँ,
कहते है मुझको मैं निर्मल नदी हूँ!!!
(((युवा कवि ज़ैद बलियावी)))

Views 138
Sponsored
Author
ज़ैद बलियावी
Posts 5
Total Views 980
नाम :- ज़ैद बलियावी पता :- ग्राम- बिठुआ, पोस्ट- बेल्थरा रोड, ज़िला- बलिया (उत्तर प्रदेश). लेखन :- ग़ज़ल, कविता , शायरी, गीत! शिक्षण:- एम.काम मोबाइल न. 8957818131/9022689467
इस पेज का लिंक-

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


Sponsored
Related Posts
हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia