” खुश होकर – मौसम ने , रंग बिखेरे हैं ” !!

भगवती प्रसाद व्यास

रचनाकार- भगवती प्रसाद व्यास " नीरद "

विधा- गीत

तैरते सन्देश –
हवा में ,
पा ही गये !
मूक थे अनुबन्ध –
जुबां पे ,
आ ही गये !
सिलसिले –
समझोतों के ,
बहुतेरे हैं !!

प्यास अधरों पे –
जगी तो ,
बढ़ती गयी !
श्वास काबू में –
कहाँ है ,
थमती नहीं !
अनचाहे –
प्रश्नों के लगे ,
कई फेरे हैं !!

गात पुलकित –
मन उड़े ,
जैसे हवाओं में !
दिल की सारी –
बातें सुन ली ,
जैसे फिजाओं ने !
छा रहे –
आशा के बादल ,
हैं घनेरे !!

बृज व्यास

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एम काम एल एल बी! आकाशवाणी इंदौर से कविताओं एवं कहानियों का प्रसारण ! सरिता , मुक्ता , कादम्बिनी पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन ! भारत के प्रतिभाशाली रचनाकार , प्रेम काव्य सागर , काव्य अमृत साझा काव्य संग्रहों में रचनाओं का प्रकाशन ! एक लम्हा जिन्दगी , रूह की आवाज , खनक आखर की एवं कश्ती में चाँद साझा काव्य संग्रह प्रकाशित ! e काव्यसंग्रह "कहीं धूप कहीं छाँव" एवं "दस्तक समय की " प्रकाशित !

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