खिल उठा है कमल

Raj Vig

रचनाकार- Raj Vig

विधा- कविता

खत्म हुआ है सिलसिला
अब बातों का
आ गया है वक्त
कछ कर जाने का ।

गुजर गया है दौर
तूफानो का
आया है मौसम लौट के
फिर से मुसकाने का ।

निकल पड़ा है राही
मंजिलों का
लिये हौसला बुलंद
उड़ने मे आसमानो का ।

खिल उठा है कमल
दिल मे अरमानो का
इंतजार नही अब
बहारों के आ जाने का ।।

राज विग

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