खार जैसी भी अक्सर चुभी ज़िन्दगी

Dr Archana Gupta

रचनाकार- Dr Archana Gupta

विधा- गज़ल/गीतिका

फूल सी ही न हँसती रही ज़िन्दगी
खार जैसी भी अक्सर चुभी ज़िन्दगी

प्यार नफरत ख़ुशी गम मिले इस तरह
गीत कविता ग़ज़ल में ढली ज़िन्दगी

नाव पतवार साहिल लिए साथ में
शांत बहती उफनती नदी ज़िन्दगी

चाँद सूरज सितारे खिलौने लिए
खेलती रात दिन से रही ज़िन्दगी

हमने इसको बसाया हर इक साँस में
मौत के पर गले जा लगी ज़िन्दगी

अर्चना वंदना सब यहाँ कर्म हैं
मोह में रहती है पर फँसी ज़िन्दगी

डॉ अर्चना गुप्ता

Views 73
इस पेज का लिंक-
Recommended
Author
Dr Archana Gupta
Posts 240
Total Views 15.4k
Co-Founder and President, Sahityapedia.com जन्मतिथि- 15 जून शिक्षा- एम एस सी (भौतिक शास्त्र), एम एड (गोल्ड मेडलिस्ट), पी एचडी संप्रति- प्रकाशित कृतियाँ- साझा संकलन गीतिकालोक, अधूरा मुक्तक(काव्य संकलन), विहग प्रीति के (साझा मुक्तक संग्रह), काव्योदय (ग़ज़ल संग्रह)प्रथम एवं द्वितीय प्रमुख पत्र पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित।

इस पर अपनी प्रतिक्रिया देंं


हिंदी साहित्यपीडिया का फेसबुक ग्रुप ज्वाइन करें और जुड़ें दुनिया भर के साहित्यकारों एवं पाठकों से- facebook.com/groups/hindi.sahityapedia
One comment